जोगी-रमन सीधे पहुंचे सदन, भूपेश ने तोड़ी थी परंपरा; इस बार विधायक ही बनेगा सीएम
प्रदेश के विधानसभा के चुनाव के बाद सरकार के गठन के समय प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी और दूसरे मुख्यमंत्री रमन सिंह को पहले मुख्यमंत्री बनाया गया और बाद में उप चुनाव के बाद वे विधायक बने थे। सीएम की कुर्सी तक अभी तक तीन नेता पहुंचे। इनमें दो को पहली बार उप चुनाव ने ही सदन में पहुंचाया।
गौरतलब है कि प्रदेश के विधानसभा के चुनाव के बाद सरकार के गठन के समय प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी और दूसरे मुख्यमंत्री रमन सिंह को पहले मुख्यमंत्री बनाया गया और बाद में उप चुनाव के बाद वे विधायक बने थे। सीएम की कुर्सी तक अभी तक तीन नेता पहुंचे। इनमें दो को पहली बार उप चुनाव ने ही सदन में पहुंचाया। हालांकि पिछली बार 2018 के चुनाव में इस परंपरा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तोड़ दिया था। वे पाटन विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री बने थे। https://cgtopnews1.blogspot.com/2023/12/blog-post_09.html
जोगी के लिए रामदयाल उइके ने छोड़ी थी सीट
प्रदेश में राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में सदन में कांग्रेस का बहुमत था। इसलिए कांग्रेस से पहले मुख्यमंत्री बनाए गए पूर्व आइएएस अजीत जोगी उस वक्त सदन के सदस्य नहीं थे। जोगी के लिए तत्कालीन भाजपा विधायक रामदयाल उइके ने बिलासपुर जिले की मरवाही सीट छोड़ी थी। उइके के इस्तीफे के बाद मरवाही में उप चुनाव हुआ, जिसमें जोगी बड़े अंतर के साथ जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।

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