मध्यप्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुनने में भाजपा के सामने चार बड़े चैलेंज?
विधायक दल की बैठक में पार्टी संसदीय बोर्ड की ओर से नियुक्त किए गए तीनों पर्यवेक्षक हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. के लक्ष्मण और पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा भी मौजूद रहेंगे।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद अब तक मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं होना अपने आप में चौंकाने वाला है। सवाल यहीं उठ रहा है कि क्या भाजपा मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर फंस गई है? सवाल यह भी है कि आखिरी भाजपा को नया मुख्यमंत्री चुनने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा है?
1-जातिगत समीकरण साधना बड़ी चुनौती- मध्यप्रदेश में नया मुख्यमंत्री चुनने को लेकर भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती जातिगत समीकरण साधना है। दरअसल मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उस ओबीसी वर्ग से आते है जिसकी प्रदेश में आबादी 50 फीसदी से अधिक है। ऐसे में अगर पार्टी शिवराज सिंह चौहान को हटाती है तो उनके स्थान ओबीसी चेहरे को लाना बड़ी चुनौती है। यहीं कारण है कि ओबीसी वर्ग से आने वाले प्रहलाद सिंह पटेल का नाम मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे है।
लोधी समुदाय से आने वाले प्रहलाद पटेल एक अनुभवी राजनेता है और नरसिंहपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए है, ऐसे में पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व प्रहलाद सिंह पटेल को मध्यप्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकता है। प्रहलाद सिंह पटेल प्रदेश में ओबीसी वर्ग के सबसे बड़े चेहरों में शामिल है। प्रहलाद सिंह पटेल उस महाकौशल क्षेत्र से आते है जिससे अब तक प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है। लोकसभा चुनाव में ओबीसी वर्ग को साधने के लिए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व प्रहलाद सिंह पटेल पर अपना दांव लगा सकती है।https://cgtopnews1.blogspot.com/2023/12/blog-post_09.html

0 टिप्पणियाँ